डीएम व एसपी के संयुक्त बैठक मे चैती छठ रामनवमी को लेकर समीक्षा किया गया। Samastipur News

 

• जुलुस मे तैनात मजिस्ट्रेट व पुलिस पदाधिकारी गायब मिले तो सख्त कार्रवाई होगी : डीएम 

• जुलुस की विडियोग्राफी एवं ड्रोन कैमरे से नज़र रखी जाएगी : एसपी 

                 ( झून्नू बाबा )

समस्तीपुर : जिलाधिकारी समस्तीपुर  रोशन कुशवाहा तथा पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर अशोक मिश्रा द्वारा संयुक्त रूप से आगामी चैती छठ ,दुर्गा पूजा एवं रामनवमी से संबंधित विधि व्यवस्था की समीक्षात्मक बैठक की गई। 



बैठक के प्रारंभ में पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी थाना प्रभारी/ प्रखंड विकास पदाधिकारी /अंचल अधिकारियों को विशेष सतर्कता रखने एवं छोटी-छोटी घटनाओं, पूर्व के इतिहास एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों पर ध्यान देने हेतु निर्देश दिया गया। 


साथ ही सोशल मीडिया पर भी विशेष नजर रखने हेतु निर्देश दिया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा हाल ही में चकमेहसी ,कर्पूरी ग्राम एवं दरभंगा में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए पूर्व से सभी तैयारियां कर लेने हेतु निर्देशित किया गया। 


साथ ही उनके द्वारा निर्देश दिया गया कि यदि कोई भी छोटी बड़ी घटना संज्ञान में आती है तो तत्काल प्रभाव से सीनियर ऑफिसर्स  /अधिकारियों को सूचना देना सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा मूर्तियों की स्थापना /विसर्जन /लाइसेंस /रूट लाइनिंग सब ससमय पूर्ण करते हुए प्रतिवेदन समर्पित करेंगे।


 उनके द्वारा बताया गया कि रामनवमी में प्रायः जुलूस/ शोभा यात्रा एवं विराट शोभा यात्रा नाम से विभिन्न प्रकार के जुलूस निकाले जाते हैं, इनका लाइसेंस निर्गत कर लेना है,


 रूट वेरिफिकेशन कर लेना है और साथ ही लाइसेंस धारी से उसमें शामिल होने वाले व्यक्तियों का आधार कार्ड कम से कम 10-15 व्यक्तियों का आधार कार्ड ले लेना है जो जुलूस में शामिल रहेंगे। इसके अलावा जुलूस के रास्ते में पड़ने वाले मस्जिद /कब्रिस्तान एवं अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों/ विवादित स्थलों का भी वेरिफिकेशन कर लेना है ।


 साथ ही डीजे एवं अन्य प्रकार के प्रतिबंध यंत्रों/ डीजे  का प्रयोग वर्जित है, इसे सुनिश्चित करना है। इसका उल्लंघन करने वाले पर डीजे को जब्त करते हुए आवश्यक कार्रवाई करना है। 


इसके पश्चात जिलाधिकारी द्वारा सभी अनुमंडल पदाधिकारी/ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी/ प्रखंड विकास पदाधिकारी/ अंचलाधिकारियों एवं थाना प्रभारी को निर्देश दिया गया की निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए संदिग्ध व्यक्तियों एवं वारंटी की गिरफ्तारी करनी है ।


साथ ही जितने भी निर्देश दिए गए हैं उनका कठोरता से पालन करना है। जिलाधिकारी द्वारा स्पष्ट निर्देश दिया गया की प्रति नियुक्ति स्थल से यदि कोई मजिस्ट्रेट या पुलिस पदाधिकारी गायब पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। 


इसके अलावा उनके द्वारा सभी अंचल अधिकारी / थाना प्रभारी/ प्रखंड विकास पदाधिकारी को संयुक्त रूप से रूट का वेरिफिकेशन करने का निर्देश दिया गया। साथ ही  रास्ते में पड़ने वाले विभिन्न प्रकार के बैनर/ धार्मिक  झंडा तथा ऐसे आर्टिकल्स जो सद्भाव को बिगाड़ सकते हैं,


पर नजर रखते हुए उनको जुलूस के रास्ते से हटाने का निर्देश दिया गया ।इसके अलावा जिलाधिकारी द्वारा  निदेश दिया गया कि जुलूस के रास्ते में पड़ने वाले लूज  इलेक्ट्रिसिटी वायर को ध्यान में रखते हुए संयुक्त भ्रमण के दौरान कनीय अभियंता विद्युत विभाग को भी साथ में रखेंगे ।


साथ ही प्रत्येक जुलूस के लिए नोडल ऑफिसर सिविल एवं पुलिस दोनों साइड से सुनिश्चित किए जाएंगे। इसके अलावा जिलाधिकारी द्वारा स्पष्ट निर्देश दिया गया कि पूरे जुलूस की वीडियोग्राफी कराई जाएगी एवं अनिवार्य रूप से ड्रोन का भी प्रयोग किया जाएगा ।इसे सभी अनुमंडल पदाधिकारी सुनिश्चित करेंगे । 


उनके द्वारा बताया गया कि  प्रायः ऐसा देखा जाता है कि एक जुलुस विभिन्न थाना क्षेत्र से होकर गुजरता है ऐसे में सभी संबंधित थाना से समन्वय बना कर रखना है ताकि किसी भी प्रकार की गतिविधि पर नजर रखा जा सके।


 इसके अलावा मेला एवं आसपास के क्षेत्र में क्योंकि वर्तमान में आगलगी की घटनाएं बढ़ रही है इसलिए फायर ब्रिगेड को भी चिन्हित करके आसपास के क्षेत्र में रखना है जिसे आवश्यकतानुसार उसका उपयोग किया जा सके। 


साथ ही  जिलाधिकारी के द्वारा सभी अनुमंडल पदाधिकारी/ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी/ थाना प्रभारी /प्रखंड विकास  अधिकारी /अंचल अधिकारी को लाइसेंस निर्गत करने से लेकर सभी तैयारियां 48 घंटे के अंदर पूर्ण करने का निर्देश दिया गया और उनके द्वारा कहा गया कि


 उनके द्वारा अनिवार्य रूप से विभिन्न थाना क्षेत्र में पुलिस अधीक्षक के साथ संयुक्त रूप से भ्रमण कर दिए गए निदेश के अनुरूप कार्य किया गया अथवा नहीं इसकी जांच की जाएगी एवं किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध अनिवार्य रूप से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर समाहर्ता समस्तीपुर अजय कुमार तिवारी,  


नगर आयुक्त केडी  प्रोज्ज्वल,सिविल सर्जन डॉ एसके चौधरी, एएसपी संजय कुमार पांडे, ट्राफिक डीएसपी आशीष राज, मुख्यालय डीएसपी केके दिवाकर एवं अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी समाहरणालय सभागार में तथा क्षेत्रीय पदाधिकारी अपने-अपने अनुमंडल एवं अंचलों से जुड़े हुए थे।

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