बच्ची की माँ के लिखित आवेदन देने के बाद भी नही दर्ज हुई प्राथमिकी ।
मां ने अपहरण की जताई आशंका एसपी ने एफआईआर दर्ज करने का दिया आदेश ।
( झून्नू बाबा )
समस्तीपुर : एसपी अशोक मिश्रा के लाख प्रयास के बाबजूद भी जिले में पुलिस पदाधिकारियों की कार्यशैली में सुधार होता नही दिख रहा है ।
घटना की प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पीड़ितों को काफ़ी जद्दोजहद करना पड़ रहा है। आम आदमी की सुरक्षा और उन्हें न्याय दिलाने को लेकर पुलिस कितनी संवेदनशील है उसका उदाहरण इस ताज़ा मामले को देखकर समझा जा सकता है ।
नगर थाना क्षेत्र के कर्पूरी बस स्टैंड के पास से बीते 15 फ़रवरी को एक पीड़िता ने अपने नाबालिग बच्ची के अपहरण की आशंका जताते हुए नगर थाने में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी है।
लेकिन पीड़ित महिला के द्वारा लिखित आवेदन दिए जाने के बाबजूद अब तक प्राथमिकी दर्ज नही की गई ।
घटना के संबंध में पीड़ित महिला का बताना है कि वो कर्पूरी बस स्टैंड के पास फल की दुकान चलाती है। बीते 15 फरवरी की शाम 14 वर्षीय उसकी नाबालिग पुत्री घर जाने के लिए निकली थी ।
लेकिन वह घर नहीं पहुंची। काफ़ी खोजबीन के बाद उसका कोई सुराग नही मिला । जिसके बाद पीड़िता ने कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के शंभूपट्टी गांव के रहने वाले लालबाबू साह के पुत्र अंकित कुमार के ख़िलाफ़ नामज़द प्राथमिकी दर्ज करायी है।
पीड़ित महिला को आशंका है कि अंकित कुमार ने उनकी नाबालिग पुत्री का अपहरण कर लिया है। इस संबंध में एसपी अशोक मिश्रा का बताना है कि मीडिया के माध्यम से उंन्हे घटना की जानकारी मिली है ।
जिसके बाद नगर थानाध्यक्ष को एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है । एसपी का कहना है कि पीड़िता के दिये आवेदन में त्रुटि होने की वज़ह से प्राथमिकी दर्ज नही हो सकी है ।
लेकिन बड़ा सवाल है कि अगर पीड़िता के द्वारा दिये आवेदन में त्रुटि थी तो अब तक थानेदार ने पीड़िता से मिलकर सुधार कर प्राथमिकी दर्ज क्यों नही की ? नाबालिग बच्ची के अपहरण के मामले को लेकर पुलिस संवेदनहीन क्यों बनी हुई है ?