गर्मी बढ़ते ही एलर्ट मोड पर सदर अस्पताल पीकू वार्ड में बनाया गया है अलग वार्ड। Samastipur City

    ( झून्नू बाबा )


समस्तीपुर : फरवरी महीने में गर्मी बढ़ने लगा है बढ़ते गर्मी को देखते हुए जिले के सभी अस्पतालों में  जापानी बुखार और एक्यूट सिंड्रोम के मरीजों की संख्या में एका एक बढ़ोतरी न हो इसके लिए पहले से ही अस्पताल एलर्ट मोड पर है ।



सदर अस्पताल में एईएस मरीजो के लिए अलग से समस्तीपुर सदर अस्पताल परिसर में पीकू वार्ड में ही अलग से दो वेड की किया गया है ।


सदर अस्पताल के डीएस डॉ गिरसी कुमार का बताना है कि इसके लिए लोग पहले से ही जागरूक है लेकिन फरवरी खत्म होते  ही विभागीय स्तर पर  गांव गांव में जागरूकता को लेकर पंपलेट आदि का वितरण किया जाना है ।


इसकी रोकथाम के साथ आवश्यक तैयारी के साथ स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्राउंड लेबर पर प्रचार प्रसार किया जाता है ।वहीं सदर अस्पताल में पीकू वार्ड पहले से ही है बना हुआ है 


जहां सारी सुविधाएं मौजूद है हालांकि अब तक मौसम ने करवट बदली है लेकिन चमकी बुखार से जुड़ा हुआ कोई भी मरीज नहीं आया है ।इसके जानकार डॉ सैयद मेराज़ इमाम का बताना है


 कि गर्मी के मौसम शुरू होते ही चमकी बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है  हालांकि इसमें सतर्कता बरतने की जरूरत होती है ।बच्चों को डिहाड्रेटेड रखा जाना चाहिए जिससे डीहाइड्रेशन न हो ।


 खासकर खाने पीने का विशेष ध्यान देना चाहिए ।क्योकि कुपोषित बच्चों को सबसे ज्यादा इसका खतरा होता है ।इस बीमारी के लक्षणों को देखा जाए तो कुछ दिनों तक तेज बुखार आना ,सुस्ती,सिरदर्द इस तरह के सिम्पटम दिखें तो डॉक्टरों के पास जाना चाहिए ।


 सदर अस्पताल के चाइल्ड स्पेसलिस्ट डॉ नागमणी राज का बताना है कि यह दो तरह का होता है जापानी बुखार और एक्यूट एन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम इसमें रोगी को तेज बुखार के साथ सर दर्द होता है और दिमाग का कामकाज प्रभावित होता है ।जिस वजह से इसे दिमागी बुखार भी कहा जाता है ।

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