झुन्नू बाबा
समस्तीपुर ! मामला सदर अस्पताल के ओपीडी भवन स्थित अल्ट्रासाउंड केंद्र का है जहाँ धरमपुर की रहने वाली एक महिला गर्भवती थी और बीते 21 मई को उसका ड्यू डेट था। इसी को लेकर बीते छह मई को सदर अस्पताल में उसने अल्ट्रासाउंड जांच कराया था। जहां उसे जुड़वां बच्चे होने की जांच रिपोर्ट दी गई थी और उसमें भी यह बताया गया कि बच्चा गर्भ में उल्टा है।
इससे प्रसूता व उसके परिजन घबरा गए और शहर के एक निजी नर्सिंग होम चले गए। निजी नर्सिंग होम में अल्ट्रासाउंड जांच में उसके गर्भ में एक ही बच्चा होने का रिपोर्ट मिला। इसके बाद उसका वहीं उसी नर्सिंग होम में डॉक्टरों के द्वारा ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव कराया गया। प्रसव में भी प्रसूता को एक ही बच्चा हुआ।
प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। मिली जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल में तीन महीने के प्रशिक्षण में आयी डीएमसीएच की पीजी की एमबीबीएस छात्राओं के द्वारा गलत जांच रिपोर्ट दे दिया गया था।
इस कारण यह पूरा बखेड़ा शुरू हुआ और इससे जच्चा-बच्चा दोनों के जान पर खतरे की संभावना बन गई थी। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ गिरीश कुमार ने बताया कि वह छात्राएं अभी छुट्टी पर हैं और उनके आने के बाद उनसे जवाब-तलब किया जाएगा। बतादें की डॉक्टरों की लापरवाही से मरीज़ों के जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है !